50,000+
Pujas Performed
100+
Experienced Pandits
12+
Years of Service
4.9/5
Devotee Rating
मल्लिकार्जुन मंदिर आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में नल्लामलाई पहाड़ियों पर श्रीशैलम में स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में दूसरा है।
यह मंदिर अद्वितीय है क्योंकि यहां भगवान शिव (मल्लिकार्जुन) और देवी पार्वती (भ्रमरांबा) दोनों की पूजा होती है।
भ्रमरांबा देवी का मंदिर 18 शक्तिपीठों में से एक है, जो इसे शैव और शाक्त दोनों परंपराओं के लिए महत्वपूर्ण बनाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव और पार्वती के पुत्र कार्तिकेय और गणेश में विवाद हुआ कि पहले कौन विवाह करेगा।
जब गणेश ने पृथ्वी की परिक्रमा करके विवाद जीत लिया, तो कार्तिकेय रूठकर क्रौंच पर्वत पर चले गए। भगवान शिव और पार्वती उनसे मिलने आए और यहीं रुक गए।
शिव ने मल्लिकार्जुन और पार्वती ने भ्रमरांबा के रूप में यहां निवास किया।
श्रीशैलम को दक्षिण का कैलाश माना जाता है। यहां ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ दोनों एक साथ हैं।
मंदिर परिसर में कई प्राचीन मंदिर और पवित्र जलाशय हैं।