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माता दुर्गा

महिषासुरमर्दिनी। अजेय योद्धा देवी। आदिशक्ति।

दुर्गा की महिमा

माता दुर्गा आदिशक्ति का योद्धा रूप हैं। उन्होंने महिषासुर राक्षस का वध किया और इसलिए उन्हें महिषासुरमर्दिनी कहा जाता है।

दुर्गा माता आठ या दस भुजाओं में विभिन्न देवताओं के शस्त्र धारण करती हैं। उनका वाहन सिंह शक्ति और साहस का प्रतीक है।

नवरात्रि का पर्व नौ दिनों तक दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। विजयादशमी पर उनकी विजय का जश्न मनाया जाता है।

दुर्गा मंत्र

बीज मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः

दुर्गा को नमस्कार

नवार्ण मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

सबसे शक्तिशाली मंत्र

दुर्गा स्तुति

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके

सब मंगल की मंगलदायिनी

दुर्गा पूजाएं

दुर्गा पूजा

नवरात्रि पूजा

दुर्गा सप्तशती पाठ

चंडी पाठ

नवदुर्गा - नौ रूप

1

शैलपुत्री

पर्वत की पुत्री

2

ब्रह्मचारिणी

तपस्विनी

3

चंद्रघंटा

चंद्र धारिणी

4

कूष्माण्डा

सृष्टि निर्मात्री

5

स्कंदमाता

कार्तिकेय की माता

6

कात्यायनी

कात्यायन की पुत्री

7

कालरात्रि

रात्रि समान

8

महागौरी

अत्यंत गौर

9

सिद्धिदात्री

सिद्धि प्रदायिनी

जय माता दी! दुर्गा माँ की जय!

दुर्गा माता की कृपा से साहस, रक्षा और विजय प्राप्त करें।