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माता पार्वती

आदिशक्ति। हिमालय पुत्री। शिव अर्धांगिनी। जगन्माता।

पार्वती की महिमा

माता पार्वती हिमालय राज और मैनावती की पुत्री हैं। उनका जन्म भगवान शिव से विवाह करने के लिए हुआ था। पूर्व जन्म में वे सती थीं।

माता पार्वती ने कठोर तपस्या करके भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। उन्होंने पत्तों का भी त्याग कर दिया था, इसलिए उन्हें 'अपर्णा' भी कहा जाता है।

वे नवदुर्गा के नौ रूपों में पूजी जाती हैं - शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।

पार्वती मंत्र

मूल मंत्र

ॐ ह्रीं उमायै नमः

उमा देवी को नमस्कार

नाम मंत्र

ॐ पार्वत्यै नमः

पार्वती माता को वंदन

आरती मंत्र

सर्वमंगल मांगल्ये...

नवरात्रि स्तुति

देवी पूजाएं

गौरी पूजा

नवरात्रि पूजा

ललिता सहस्रनाम

कुंकुम अर्चना

पार्वती के रूप

गौरी
उमा
अंबिका
दुर्गा
काली
भवानी
ललिता
महेश्वरी

जय माता पार्वती! जय अम्बे!

माता पार्वती की कृपा से सौभाग्य और आनंद प्राप्त करें।