Trimbakeshwar Temple
गोदावरी नदी का उद्गम स्थल। कालसर्प दोष निवारण का प्रमुख केंद्र।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर का इतिहास वैदिक काल से है। पौराणिक कथा के अनुसार, गौतम ऋषि ने यहां तपस्या कर गंगा को पृथ्वी पर उतारा जो गोदावरी बनी। मंदिर का निर्माण पेशवा नानासाहेब ने 18वीं सदी में कराया। यहां का शिवलिंग तीन मुखों वाला है जो ब्रह्मा, विष्णु, महेश का प्रतीक है।
यह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जहां शिवलिंग के तीन मुख हैं। गोदावरी नदी का उद्गम ब्रह्मगिरी पर्वत से यहीं होता है। कालसर्प दोष, पितृ दोष और नारायण नागबली पूजा के लिए यह सर्वश्रेष्ठ स्थान है। सिंहस्थ कुंभ मेला यहां होता है।