
Omkareshwar Temple
नर्मदा नदी के बीच ॐ के आकार के द्वीप पर स्थित। दो ज्योतिर्लिंग एक ही स्थान पर।
ओंकारेश्वर मंदिर का उल्लेख पुराणों में मिलता है। इस द्वीप का आकार ॐ जैसा है इसलिए इसे ओंकारेश्वर कहते हैं। यहां दो ज्योतिर्लिंग हैं - ओंकारेश्वर (द्वीप पर) और अमलेश्वर (नदी के किनारे)। पौराणिक कथा के अनुसार, विंध्य पर्वत ने यहां भगवान शिव की तपस्या की थी।
यह एकमात्र स्थान है जहां दो ज्योतिर्लिंग एक साथ हैं। नर्मदा परिक्रमा का यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। नर्मदा में स्नान और परिक्रमा का विशेष महत्व है। आदि शंकराचार्य ने यहां गुरु गोविंदपाद से दीक्षा ली थी।