Nageshwar Temple
विषहर शिव। नाग दोष निवारण और सर्प भय से मुक्ति का केंद्र।
नागेश्वर मंदिर की कथा शिवपुराण में है। दारुक नामक राक्षस ने सुप्रिया नामक शिव भक्त को कारागार में डाला। सुप्रिया ने अन्य कैदियों को शिव भक्ति सिखाई। क्रोधित दारुक जब उन्हें मारने आया, तब भगवान शिव प्रकट हुए और दारुक का वध किया। तब से वे नागेश्वर रूप में विराजित हैं।
नागेश्वर का अर्थ है 'नागों के स्वामी'। यहां दर्शन से सर्प दोष और काल सर्प दोष का निवारण होता है। द्वारका धाम के पास होने से चार धाम यात्रा में इसे जोड़ा जाता है। मंदिर के बाहर 82 फीट ऊंची शिव प्रतिमा प्रसिद्ध है।