Mallikarjuna Temple (Srisailam)
एक ही स्थान पर ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ। कृष्णा नदी तट पर पहाड़ी पर स्थित।
श्रीशैलम का उल्लेख महाभारत और पुराणों में है। कथा के अनुसार, शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिकेय यहां आकर रुक गए। शिव-पार्वती उनसे मिलने आए और यहीं स्थायी हो गए। मल्लिकार्जुन का अर्थ है 'मल्लिका (चमेली) के प्रेमी अर्जुन (शिव)'।
यह एकमात्र स्थान है जहां ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ दोनों एक साथ हैं। भ्रमराम्बा देवी का शक्तिपीठ यहीं है। कृष्णा नदी में स्नान का विशेष महत्व है। नालमला जंगल के बीच स्थित यह मंदिर अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा है।