Mahakaleshwar Temple
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर अपनी भस्म आरती के लिए प्रसिद्ध है, जो शमशान की पवित्र भस्म से की जाती है। महाकालेश्वर का लिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) माना जाता है।
महाकालेश्वर मंदिर की प्राचीन उत्पत्ति है, विभिन्न पुराणों में हजारों वर्ष पुराने संदर्भ हैं। वर्तमान संरचना 18वीं शताब्दी में मराठा शासन के दौरान मराठा सेनापतियों द्वारा बनाई गई थी।
महाकालेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, सबसे पवित्र शिव मंदिर। महाकालेश्वर की मूर्ति 'दक्षिणमुर्ति' के रूप में जानी जाती है, जिसका अर्थ है दक्षिण की ओर मुख करना। यह ज्योतिर्लिंगों के बीच एक अनूठी विशेषता है।