Grishneshwar Temple
12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग। एलोरा गुफाओं के पास स्थित।
घृष्णेश्वर मंदिर की कथा शिवपुराण में है। घुश्मा नामक शिव भक्त महिला थी। उसकी सौतेली बहन ईर्ष्यावश उसके पुत्र को मारकर तालाब में फेंक देती। घुश्मा शिव भक्ति में लीन रहती और शिव कृपा से पुत्र जीवित हो जाता। अंत में शिव प्रकट हुए और यहां ज्योतिर्लिंग रूप में स्थापित हुए।
यह 12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग है। एलोरा की विश्व प्रसिद्ध गुफाओं के पास होने से ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों महत्व है। मंदिर का वर्तमान स्वरूप अहिल्याबाई होल्कर ने 18वीं सदी में बनवाया। यह छोटा लेकिन अत्यंत सुंदर मंदिर है।