Bhimashankar Temple
सह्याद्रि पहाड़ियों में स्थित, वन्यजीव अभयारण्य के बीच प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा।
भीमाशंकर मंदिर का इतिहास पौराणिक है। कथा के अनुसार भीमक नामक राक्षस ने यहां तपस्या कर शक्ति प्राप्त की और देवताओं पर अत्याचार किया। भगवान शिव ने उसका वध किया। उनके पसीने से भीमा नदी का उद्गम हुआ। नाना फडणवीस ने 18वीं सदी में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया।
भीमाशंकर से भीमा नदी का उद्गम होता है। यह वन्यजीव अभयारण्य में स्थित है जहां भारतीय विशाल गिलहरी (शेकरू) पाई जाती है। नागफनी आकार की शिवलिंग विशिष्ट है। मानसून में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत होता है।