नवग्रहों के राजा • आदित्य

सूर्य पूजा

Surya Puja

सूर्य देव को नवग्रहों का राजा माना जाता है। उनकी पूजा से स्वास्थ्य, यश, प्रतिष्ठा और सरकारी कार्यों में सफलता मिलती है। रविवार को उनकी विशेष पूजा होती है।

1-1.5 घंटे
सूर्योदय के समय
4.8 (1560 reviews)

पूजा के लाभ

  • स्वास्थ्य में सुधार
  • नेत्र रोग से मुक्ति
  • यश और प्रतिष्ठा में वृद्धि
  • सरकारी नौकरी में सफलता
  • पिता से संबंध सुधार
  • आत्मविश्वास में वृद्धि
  • हड्डियों की मजबूती
  • नेतृत्व क्षमता में वृद्धि

पूजा विधि

  1. 1सूर्योदय से पहले स्नान
  2. 2तांबे के लोटे में जल
  3. 3लाल चंदन, लाल पुष्प
  4. 4आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ
  5. 5सूर्य मंत्र जाप
  6. 6अर्घ्य दान
  7. 7सूर्य नमस्कार
  8. 8गुड़ और गेहूं का दान

उपाय

  • रविवार व्रत रखें
  • तांबे का छल्ला पहनें
  • माणिक्य रत्न धारण करें
  • गाय को गुड़ खिलाएं
  • गेहूं का दान करें
  • सूर्य यंत्र की पूजा करें

सूर्य देव की महिमा

सूर्य देव नवग्रहों में सबसे प्रमुख हैं। वे आत्मा, पिता, राजा और सत्ता के कारक हैं। जन्मकुंडली में सूर्य की स्थिति व्यक्ति के यश, प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

सूर्य देव के पुत्र शनि, यमराज और वैवस्वत मनु हैं। उनकी पत्नी संज्ञा हैं। उनका रथ सात घोड़ों से खींचा जाता है जो सप्त रंगों का प्रतीक है। अरुण उनके सारथी हैं।

सूर्य की पूजा से राजकीय कार्यों में सफलता, पिता से अच्छे संबंध, नेत्र रोगों से मुक्ति और हड्डियों की मजबूती प्राप्त होती है। सूर्य नमस्कार योग में सूर्य को नमन का सबसे प्रभावी तरीका है।

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