प्रेम कारक • दैत्य गुरु

शुक्र पूजा

Shukra (Venus) Puja

शुक्र ग्रह प्रेम, विवाह, सौंदर्य और भौतिक सुखों के कारक हैं। वे दैत्य गुरु हैं। शुक्रवार को देवी पूजा से शुक्र प्रसन्न होते हैं। विवाह और वैवाहिक सुख के लिए शुक्र पूजा अत्यंत लाभकारी है।

1-1.5 घंटे
शुक्रवार
4.8 (1560 reviews)

पूजा के लाभ

  • विवाह में सफलता
  • वैवाहिक सुख
  • सौंदर्य वृद्धि
  • कलात्मक प्रतिभा
  • भौतिक सुख-समृद्धि
  • वाहन सुख
  • प्रेम जीवन में खुशी
  • लग्जरी जीवन

पूजा विधि

  1. 1शुक्रवार व्रत
  2. 2देवी पूजा (लक्ष्मी/संतोषी)
  3. 3शुक्र मंत्र जाप
  4. 4सफेद वस्त्र धारण
  5. 5चावल और घी का दान
  6. 6शुक्र यंत्र पूजा
  7. 7श्वेत पुष्प अर्पण
  8. 8हीरा रत्न धारण

किसे करनी चाहिए

  • विवाह में विलंब
  • वैवाहिक कलह
  • प्रेम में असफलता
  • सौंदर्य संबंधी समस्या
  • वाहन/घर न मिल रहा
  • कलाकार और डिजाइनर

शुक्र ग्रह की महिमा

शुक्राचार्य दैत्यों के गुरु हैं। वे भृगु ऋषि के पुत्र हैं और संजीवनी विद्या के ज्ञाता हैं। शुक्र ग्रह प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला और भौतिक सुखों के कारक हैं।

जन्मकुंडली में शुक्र अच्छी स्थिति में हो तो व्यक्ति सुंदर, कलाप्रेमी और भौतिक सुखों से संपन्न होता है। कमजोर शुक्र से विवाह में समस्या, प्रेम में असफलता और वाहन-भवन सुख में कमी आती है।

शुक्रवार को देवी लक्ष्मी या संतोषी माता की पूजा शुक्र शांति का प्रभावी उपाय है। सफेद वस्त्र, सफेद फूल, चावल-घी का दान और हीरा रत्न धारण से शुक्र प्रसन्न होते हैं।

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विवाह सुख और भौतिक समृद्धि हेतु