Shani Puja
शनि देव न्याय के देवता हैं। साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष निवारण के लिए शनि पूजा अत्यंत प्रभावकारी है। शनिवार को तेल दान और हनुमान पूजा से शनि प्रसन्न होते हैं।
शनि देव सूर्य के पुत्र और छाया के गर्भ से उत्पन्न हैं। वे न्याय के देवता हैं और कर्मों के अनुसार फल देते हैं। उनकी दृष्टि को "शनि दृष्टि" कहते हैं जो अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
शनि की साढ़ेसाती जीवन की सबसे कठिन अवधियों में से एक मानी जाती है। परंतु यह शुद्धि का काल भी है। इस दौरान की गई तपस्या और पूजा का फल कई गुना मिलता है।
हनुमान जी की पूजा शनि शांति का सबसे प्रभावी उपाय है। शनिवार को तेल दान, काले तिल और उड़द का दान, नीलम रत्न धारण और शनि मंत्र जाप से शनि प्रसन्न होते हैं।