भूमि कारक • युद्ध देवता

मंगल पूजा

Mangal (Mars) Puja

मंगल ग्रह साहस, भूमि और भाई के कारक हैं। मंगल दोष निवारण और भूमि संबंधी समस्याओं के लिए मंगल पूजा अत्यंत लाभकारी है। मंगलवार को इनकी विशेष पूजा होती है।

1-1.5 घंटे
मंगलवार
4.8 (1890 reviews)

पूजा के लाभ

  • मंगल दोष निवारण
  • भूमि संबंधी विवाद समाप्त
  • साहस और शक्ति में वृद्धि
  • भाई से अच्छे संबंध
  • रक्त विकार दूर
  • दुर्घटना से बचाव
  • विवाह में विलंब दूर
  • सैन्य/पुलिस सेवा में सफलता

पूजा विधि

  1. 1मंगलवार व्रत
  2. 2हनुमान जी की पूजा
  3. 3मंगल मंत्र जाप
  4. 4लाल वस्त्र धारण
  5. 5मसूर दाल का दान
  6. 6मंगल यंत्र पूजा
  7. 7हवन
  8. 8मंगल शांति पाठ

मंगल दोष के लक्षण

  • विवाह में बाधा आ रही हो
  • वैवाहिक जीवन में कलह हो
  • भूमि विवाद चल रहा हो
  • रक्त संबंधी रोग हों
  • दुर्घटनाएं हो रही हों
  • भाई से मतभेद हो

मंगल ग्रह और मंगल दोष

मंगल ग्रह को "अंगारक" भी कहते हैं। यह साहस, बल, भूमि, भाई और रक्त के कारक हैं। मंगल पृथ्वी का पुत्र है और स्कंद (कार्तिकेय) का ग्रह माना जाता है।

जब मंगल कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो "मंगल दोष" माना जाता है। इस दोष के कारण विवाह में विलंब, वैवाहिक कलह और संबंधों में तनाव आता है। मंगल पूजा से यह दोष शांत होता है।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा मंगल शांति का सबसे प्रभावी उपाय है। लाल वस्त्र धारण करना, मसूर दाल का दान और मूंगा रत्न धारण करना भी लाभकारी है।

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मंगल दोष निवारण और साहस प्राप्ति हेतु