धन की देवी • समृद्धि दायिनी

श्री लक्ष्मी पूजा

Shri Lakshmi Puja

माता लक्ष्मी धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी हैं। दिवाली के दिन उनकी विशेष पूजा होती है। नियमित लक्ष्मी पूजा से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि की वर्षा होती है।

1.5-2 घंटे
शुक्रवार, दिवाली, पूर्णिमा
4.9 (2350 reviews)

पूजा के लाभ

  • धन-समृद्धि में वृद्धि
  • व्यापार में उन्नति
  • आर्थिक समस्याओं से मुक्ति
  • घर में सुख-शांति
  • ऋण मुक्ति
  • सम्पत्ति प्राप्ति
  • भाग्योदय
  • गृह लक्ष्मी का आशीर्वाद

पूजा विधि

  1. 1गणेश-लक्ष्मी का आवाहन
  2. 2षोडशोपचार पूजा
  3. 3श्री सूक्त पाठ
  4. 4लक्ष्मी अष्टोत्तर नामावली
  5. 5कनकधारा स्तोत्र पाठ
  6. 6कमल पुष्प अर्पण
  7. 7धूप-दीप-नैवेद्य
  8. 8लक्ष्मी आरती

श्रेष्ठ समय

  • दिवाली (अमावस्या)
  • शुक्रवार
  • पूर्णिमा तिथि
  • धनतेरस
  • अक्षय तृतीया
  • होली (फाल्गुन पूर्णिमा)

माता लक्ष्मी की महिमा

माता लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी और समृद्धि की देवी हैं। उनका वाहन उल्लू है और वे कमल पर विराजमान रहती हैं। उनके चार हाथों में से दो में कमल और दो से धन वर्षा का संकेत है।

लक्ष्मी जी के आठ स्वरूप हैं जिन्हें "अष्टलक्ष्मी" कहते हैं - आदि लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, वीर्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी, धन लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी।

दिवाली की रात को माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। जिस घर में स्वच्छता, प्रकाश और शुभ वातावरण होता है, वहाँ वे निवास करती हैं। इसलिए दिवाली पर घर की सफाई और दीपक जलाने की परंपरा है।

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