देवगुरु • ज्ञान कारक

गुरु (बृहस्पति) पूजा

Guru (Jupiter) Puja

गुरु ग्रह ज्ञान, धन, संतान और गुरु के कारक हैं। वे देवताओं के गुरु और नवग्रहों में सबसे शुभ माने जाते हैं। गुरुवार को उनकी विशेष पूजा होती है।

1-1.5 घंटे
गुरुवार
4.9 (1890 reviews)

पूजा के लाभ

  • ज्ञान और विद्या में वृद्धि
  • धन और समृद्धि
  • संतान सुख
  • गुरु कृपा प्राप्ति
  • विवाह में सफलता
  • आध्यात्मिक उन्नति
  • यश और सम्मान
  • उच्च शिक्षा में सफलता

पूजा विधि

  1. 1गुरुवार व्रत
  2. 2विष्णु सहस्रनाम पाठ
  3. 3गुरु मंत्र जाप
  4. 4पीले वस्त्र धारण
  5. 5चने की दाल का दान
  6. 6गुरु यंत्र पूजा
  7. 7केले का दान
  8. 8पुखराज रत्न धारण

किसे करनी चाहिए

  • विवाह में विलंब हो
  • संतान सुख न हो
  • शिक्षा में बाधा
  • धन की कमी
  • गुरु से मतभेद
  • आध्यात्मिक विकास चाहिए

गुरु बृहस्पति की महिमा

बृहस्पति देव देवताओं के गुरु हैं। वे अंगिरा ऋषि के पुत्र हैं। गुरु ग्रह नवग्रहों में सबसे शुभ और बड़ा ग्रह है। वे ज्ञान, धर्म, संतान और विवाह के कारक हैं।

जन्मकुंडली में गुरु अच्छी स्थिति में हो तो व्यक्ति विद्वान, धनवान और सम्मानित होता है। कमजोर गुरु से विवाह में विलंब, संतान समस्या और धार्मिक अज्ञान होता है।

गुरुवार को विष्णु जी की पूजा और व्रत गुरु शांति का प्रभावी उपाय है। पीले वस्त्र, केले का दान, चने की दाल और पुखराज रत्न धारण से गुरु प्रसन्न होते हैं।

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