Chandra Puja
चंद्र देव मन, माता और भावनाओं के कारक हैं। उनकी पूजा से मानसिक शांति, माता का आशीर्वाद और जल संबंधी व्यवसायों में सफलता मिलती है।
चंद्र देव को "सोम" भी कहते हैं। वे मन, माता, जल और भावनाओं के कारक हैं। उनकी पत्नी रोहिणी हैं और बुध उनके पुत्र हैं। चंद्रमा शिव की जटाओं में विराजमान हैं।
चंद्रमा की कलाएं 16 मानी जाती हैं। पूर्णिमा को पूर्ण चंद्रमा और अमावस्या को अदृश्य चंद्रमा होता है। करवा चौथ, शरद पूर्णिमा और होली पूर्णिमा पर चंद्रमा की विशेष पूजा होती है।
कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो तो व्यक्ति को मानसिक अशांति, नींद की समस्या और माता से संबंधित कष्ट होते हैं। चंद्र पूजा से ये सभी दोष दूर होते हैं।