Baglamukhi Puja
माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। उन्हें 'स्तंभन शक्ति' की देवी कहा जाता है जो शत्रुओं को स्तंभित (निष्क्रिय) कर देती हैं। पीले वस्त्र और पीले फूलों से उनकी पूजा होती है।
माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। उनका स्वरूप पीत (पीला) वर्ण का है और वे पीले वस्त्र धारण करती हैं। उनका मुख्य शस्त्र 'मुद्गर' (गदा) है जिससे वे शत्रुओं का नाश करती हैं।
"बगला" का अर्थ है "मोह" और "मुखी" का अर्थ है "मुख वाली"। अर्थात जो शत्रुओं को मोहित कर उनका मुख (वाणी, बुद्धि) स्तंभित कर दें। इसलिए इन्हें "स्तंभन शक्ति" की देवी भी कहते हैं।
बगलामुखी पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व है। पीले वस्त्र, पीले फूल, पीली सरसों, पीले तिल और हल्दी से यह पूजा संपन्न होती है। मंगलवार और रविवार को यह पूजा विशेष फलदायी होती है।