Kedarnath Jyotirlinga
✨ भारत का प्रतिष्ठित ज्योतिर्लिंग

॥ जय श्री महाकाल ॥

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Kedarnath Jyotirlinga

Book authentic Pujas, Bhasma Aarti, and sacred rituals performed by experienced Vedic priests.

केदारनाथ, उत्तराखंड4.9 (45,200 reviews)

50,000+

Pujas Performed

100+

Experienced Pandits

12+

Years of Service

4.9/5

Devotee Rating

मंगला आरती: 4:00 AM - 5:00 AM+916267127093

केदारनाथ मंदिर हिमालय की गोद में गढ़वाल क्षेत्र में स्थित है और यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह चार धाम यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण भाग है।

समुद्र तल से 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर केवल अप्रैल से नवंबर के बीच ही दर्शन के लिए खुलता है। शेष समय भारी बर्फबारी के कारण मंदिर बंद रहता है।

मंदिर के पीछे विशाल केदारनाथ पर्वत और चोराबारी ग्लेशियर का दृश्य अद्भुत है।

पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने ही भाइयों और गुरुजनों की हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की खोज में निकले।

भगवान शिव पांडवों से छिपने के लिए केदार क्षेत्र में भैंसे का रूप धारण कर पशुओं के झुंड में मिल गए। भीम ने उन्हें पहचान लिया और पकड़ने का प्रयास किया। भगवान शिव जमीन में समाने लगे, लेकिन भीम ने उनकी पीठ का कूबड़ पकड़ लिया।

भगवान शिव पांडवों की भक्ति से प्रसन्न हुए और उन्हें मोक्ष प्रदान किया। यहीं उनकी पीठ (त्रिकोणाकार) के रूप में ज्योतिर्लिंग प्रकट हुआ।

महत्व

केदारनाथ पंच केदार में प्रमुख है। अन्य चार केदार - तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर हैं।

2013 की भीषण बाढ़ में जब पूरा क्षेत्र तबाह हो गया, मंदिर की मुख्य संरचना सुरक्षित रही। एक विशाल चट्टान ने मंदिर की रक्षा की जिसे अब 'भीम शिला' कहा जाता है।

महत्वपूर्ण सुझाव

  1. 1हेलीकॉप्टर सेवा की अग्रिम बुकिंग करें
  2. 2ठंड के कपड़े अवश्य लाएं
  3. 3पर्वतीय बीमारी से बचाव करें
  4. 4गौरीकुंड में रात रुकें और सुबह यात्रा करें