मंगल दोष जन्मकुंडली में एक ऐसा ग्रह दोष है जो जीवन में अनेक समस्याओं का कारण बनता है। मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन में किया गया मंगल दोष पूजन इस दोष को शांत करने का सबसे प्रभावशाली उपाय है। यहाँ पर मंगल ग्रह की विशेष पूजा कराने से विवाह में बाधाएं दूर होती हैं, आर्थिक स्थिरता आती है, और जीवन में सुख-शांति की वृद्धि होती है। **मंगल दोष क्या है और इसके प्रभाव** जन्मकुंडली में मंगल (Mars) के कुछ विशेष स्थानों में होने को मंगल दोष कहते हैं। यह दोष तीन प्रकार का होता है - अंतर्देश, युत और खंड। मंगल दोष हो
शुभ मुहूर्त चयन - मंगलवार या रविवार को करना सबसे उत्तम
गणेश पूजन और संकल्प - शुभारंभ और बाधा हरण का संकल्प
मंगल यंत्र स्थापना - पवित्र यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा
मंगल ग्रह पूजन - लाल पुष्प, लाल चंदन, लाल वस्त्र अर्पण
मंगल मंत्र जाप - 108 बार पवित्र मंगल मंत्र का जाप
हवन - घी, समिधा और औषधियों से हवन आहुति
मंगलनाथ शिवलिंग अभिषेक - पवित्र जल और दूध से अभिषेक
आरती और प्रसाद - शिव आरती और प्रसाद वितरण