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भगवान श्री कृष्ण

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। भगवद्गीता के उपदेशक, मुरलीधर।

कृष्ण की महिमा

भगवान श्री कृष्ण विष्णु के आठवें अवतार हैं। वे देवकी और वसुदेव के पुत्र हैं और मथुरा में जन्मे थे। उनका जन्मोत्सव 'जन्माष्टमी' के रूप में मनाया जाता है।

कृष्ण की बाल लीलाएं - माखन चोरी, गोपियों के साथ रास लीला, गोवर्धन पर्वत उठाना - अत्यंत प्रसिद्ध हैं। उनकी बांसुरी की धुन से सम्पूर्ण वृंदावन मोहित हो जाता था।

भगवद्गीता में कृष्ण ने अर्जुन को कर्म योग, ज्ञान योग और भक्ति योग का उपदेश दिया। राधा-कृष्ण का प्रेम दिव्य प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है।

कृष्ण मंत्र

मूल मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

वासुदेव को नमस्कार

महामंत्र

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे

दिव्य प्रेम का महामंत्र

बीज मंत्र

ॐ श्री कृष्णाय नमः

कृष्ण को प्रणाम

कृष्ण पूजाएं

जन्माष्टमी पूजा

सत्यनारायण पूजा

विष्णु पूजा

तुलसी विवाह

हरे कृष्ण! राधे राधे!

कृष्ण की कृपा से जीवन में प्रेम, समृद्धि और शांति प्राप्त करें।