नवग्रह • चंद्र

भगवान चंद्र

Lord Chandra

चंद्र देव, सोम, इंदु, शशि

मन के कारक, शीतलता और शांति के देवता। चंद्रमा माता, जल और भावनाओं के स्वामी हैं।

दिन

सोमवार

रत्न

मोती (Pearl)

दिशा

उत्तर-पश्चिम

धातु

चांदी

अनाज

चावल

महत्व और पौराणिक कथा

चंद्रमा को सोम भी कहते हैं जिसका अर्थ है अमृत। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन से चंद्रमा प्रकट हुए। दक्ष प्रजापति की 27 पुत्रियों (नक्षत्र) से विवाह हुआ। रोहिणी के प्रति अधिक प्रेम के कारण दक्ष ने श्राप दिया जिससे क्षय रोग हुआ। शिव की आराधना से आधा श्राप टला। इसीलिए चंद्रमा घटते-बढ़ते हैं।

पूजा विधि

सोमवार को चंद्र देव की पूजा करें। सफेद वस्त्र धारण करें। चावल, दूध, दही का भोग लगाएं। पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष में विशेष पूजा करें। चंद्रमा की रोशनी में ध्यान लाभकारी है।

पवित्र मंत्र

चंद्र बीज मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः

मानसिक शांति

चंद्र गायत्री

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि तन्नो चंद्रः प्रचोदयात्

बुद्धि विकास

सोम मंत्र

ॐ सों सोमाय नमः

शीतलता और आनंद

चंद्र स्तोत्र

दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम्

रोग निवारण

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गुजरात

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भावनात्मक संतुलन

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चंद्र ग्रह शांति से मानसिक शांति, स्मृति और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है